Federation Cup Athletics: भारतीय स्प्रिंटर विशाल टी.के. ने शनिवार को रांची में आयोजित फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक अभूतपूर्व इतिहास रच दिया है. उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर स्पर्धा में अपना ही पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 44.98 सेकंड का शानदार समय दर्ज किया. इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ ही विशाल 400 मीटर की रेस को 45 सेकंड से कम समय में पूरा करने वाले देश के पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं. उनके इस कीर्तिमान ने भारतीय खेल जगत में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है.
गुरविंदर सिंह 100 मीटर में 10.10 सेकंड से कम समय लेने वाले पहले भारतीय बने
रांची में शनिवार का दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि विशाल से ठीक पहले धावक गुरविंदर सिंह ने भी 100 मीटर स्पर्धा में इतिहास रचा. गुरविंदर ने फाइनल रेस में महज 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया और राष्ट्रमंडल व एशियाई खेलों के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया. इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही गुरविंदर 100 मीटर दौड़ को 10.10 सेकंड से कम समय में पूरा करने वाले देश के पहले स्प्रिंटर बन गए हैं. उन्होंने अनिमेष कुजूर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए दोबारा नंबर वन का स्थान हासिल किया.
प्रतियोगिता में अनिमेष कुजूर दूसरे और प्रणव प्रमोद तीसरे स्थान पर रहे
इस बेहद रोमांचक 100 मीटर फाइनल मुकाबले में धावक अनिमेष कुजूर ने 10.20 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि प्रणव प्रमोद ने 10.29 सेकंड का समय निकालकर पोडियम पर तीसरा स्थान (कांस्य पदक) प्राप्त किया. गौरतलब है कि कोच जेम्स हिलियर के मार्गदर्शन में कड़ा प्रशिक्षण लेने वाले गुरविंदर और अनिमेष दोनों ही प्रतिभावान खिलाड़ी मुख्य रूप से 100 मीटर के साथ-साथ 200 मीटर स्पर्धा में भी देश का प्रतिनिधित्व करते हैं.
सेमीफाइनल से शुरू हुई रिकॉर्ड की जंग, सीडब्ल्यूजी 2026 के लिए किया क्वालीफाई
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG 2026) के लिए क्वालीफायर के रूप में भी आयोजित की जा रही है. इससे पहले हुए सेमीफाइनल के पहले हीट में गुरविंदर ने 10.17 सेकंड के साथ कुजूर का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा था, लेकिन कुछ ही पलों बाद दूसरे हीट में कुजूर ने 10.15 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड वापस ले लिया था. सेमीफाइनल में अनिमेष ने तो 10.16 सेकंड का क्वालीफिकेशन मानक छू लिया था, लेकिन गुरविंदर सिर्फ 0.01 सेकंड से चूक गए थे. हालांकि, शनिवार को फाइनल में गुरविंदर ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर अपनी उस कमी को पूरी तरह सुधार लिया.