Latehar News: लातेहार जिले के महुआडांड़ में अवैध निजी क्लीनिकों का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। प्रशासनिक जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई क्लीनिक अब भी खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जांच में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे क्लीनिकों का खुलासा
झारखंड सरकार के निर्देश पर 5 मई 2026 को महुआडांड़ बाजार क्षेत्र में निजी क्लीनिकों की जांच की गई थी। जांच के दौरान कई क्लीनिक बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक मानकों के संचालित पाए गए। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ की ओर से संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल क्लीनिक बंद करने का निर्देश दिया गया था।
Clinical Establishment Act का उल्लंघन, फिर भी जारी संचालन
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया था कि जिन क्लीनिकों के पास Clinical Establishment Act 2010 के तहत वैध रजिस्ट्रेशन नहीं है, वे अपने संस्थान बंद रखें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन आदेश जारी होने के कई दिनों बाद भी न किसी क्लीनिक को सील किया गया और न ही किसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। इससे विभागीय कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है।
“Expired” और “Not Found” क्लीनिक भी कर रहे इलाज
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई अवैध क्लीनिक आज भी पहले की तरह मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट में कई संस्थानों की स्थिति “Expired”, “Not Found” और “Closed” बताई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनका संचालन जारी है। इससे प्रशासनिक लापरवाही उजागर हो रही है और लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन क्लीनिकों को संरक्षण कौन दे रहा है।
नागरिकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
महुआडांड़ के नागरिकों ने जिला प्रशासन और लातेहार उपायुक्त से अवैध क्लीनिकों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिना अनुमति और बिना मानकों के चल रहे क्लीनिक मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से छापेमारी कर ऐसे क्लीनिकों को सील करने और संचालकों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।