US Iran Peace Deal 2026: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी सैन्य तनाव को कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अस्थाई युद्धविराम पर सहमति बन गई है. इस वैश्विक समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट) को दोबारा चालू किया जाएगा. इसके प्रतिफल में अमेरिकी प्रशासन ईरान के व्यापारिक बंदरगाहों पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों में ढील देगा, जिससे ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बिक्री का रास्ता साफ हो जाएगा.
परमाणु हथियार न बनाने की शर्त पर झुका तेहरान, यूरेनियम भंडार हटाने पर रजामंदी
शांति वार्ता के मसौदे के अनुसार, ईरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न करने की वैश्विक प्रतिबद्धता पर सहमत हो गया है. इसके अलावा वह अपने अत्यधिक संवर्धित (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम कार्यक्रम को रोकने तथा अपने पास मौजूद 400 किलोग्राम के मौजूदा स्टॉक को वहां से हटाने के लिए भी राजी हो गया है. इजराइली खुफिया तंत्र का दावा है कि यह स्टॉक करीब 11 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त था. फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस नीति को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में उच्च स्तरीय बैठकें कर रहे हैं.
समुद्री मार्ग से हटेंगी बारूदी सुरंगें, वैश्विक बाजार को मिलेगी राहत
व्यापारिक सुगमता के लिए ईरान होर्मुज जलमार्ग में बिछाई गई अपनी सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को नष्ट करने पर सहमत हो गया है. वैश्विक ईंधन आपूर्ति के लिहाज से इस सबसे संवेदनशील मार्ग के पूरी तरह खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और लड़खड़ाती वैश्विक सप्लाई चेन को बड़ी मजबूती मिलेगी. इस विवाद के कारण भारतीय बाजारों में भी ईंधन महंगा हो गया है, जहां वर्तमान में दिल्ली के भीतर पेट्रोल 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है.
मध्यस्थता से अलग-थलग पड़ा इजराइल, लेबनान में बमबारी के बीच शांति प्रयास तेज
इस द्विपक्षीय बातचीत से इजराइल सरकार बेहद असहज है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने इस पूरी कूटनीतिक वार्ता से इजराइल को पूरी तरह दूर रखा है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार का मानना है कि यह ढील भविष्य में ईरान को और अधिक आक्रामक होने का अवसर देगी. इस वैश्विक शांति विमर्श के बीच इजराइल की वायुसेना ने लेबनान के रिहाइशी इलाकों पर भीषण बमबारी की है, जिसमें अब तक 20 नागरिकों की मौत हो चुकी है और मलबे में दबे घायलों को निकालने का काम जारी है.