Chandil: चांडिल रेंज क्षेत्र अंतर्गत हमसादा स्थित एनएच-33 किनारे बने होटल वन पलासी परिसर में बीती रात करीब 11 बजे एक हिरण के अचानक पहुंचने से लोगों में उत्सुकता और हलचल का माहौल बन गया। देर रात होटल परिसर में हिरण को घूमते देख वहां मौजूद कर्मचारी और लोग कुछ समय के लिए हैरान रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हिरण ज्यादा देर तक होटल परिसर में नहीं रुका। कुछ देर तक इधर-उधर घूमने के बाद वह वापस बाहर निकल गया और एनएच-33 पार कर गांव की ओर चला गया। व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते समय लोगों को दुर्घटना की आशंका भी हुई, लेकिन राहत की बात यह रही कि हिरण सुरक्षित रूप से सड़क पार कर आगे निकल गया।
वन विभाग को दी गई सूचना
घटना के तुरंत बाद होटल संचालक ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। होटल वन पलासी के संचालक बुद्धेश्वर मार्डी ने बताया कि करीब 20 वर्षों बाद इस तरह का दृश्य देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले आसपास के इलाकों में हिरण कम दिखाई देते थे, लेकिन अब वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ती नजर आ रही है, जो पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति बढ़ी जागरूकता
उन्होंने कहा कि इस वर्ष विशु शिकार की घटनाएं काफी कम हुई हैं, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। लोगों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसका परिणाम जंगलों में वन्य प्राणियों की संख्या बढ़ने के रूप में सामने आ रहा है। बुद्धेश्वर मार्डी ने वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग लगातार वन्यजीव संरक्षण के लिए काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आबादी क्षेत्र में जंगली जानवरों के आने के दौरान विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और वन्यजीवों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
पर्यावरण संतुलन का संकेत मान रहे लोग
स्थानीय लोगों का मानना है कि जंगल और आबादी क्षेत्र के बीच बढ़ता संपर्क यह दर्शाता है कि वन्यजीव अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों के अनुसार यह पर्यावरण संतुलन और संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम हो सकता है।