Jharkhand: झारखंड पुलिस अब पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य के सभी थाना प्रभारियों के लिए FIR (IIF-1) और फाइनल फॉर्म (IIF-5) पर आधार आधारित ई-साइन (e-Sign) करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
CCTNS सिस्टम कोर्ट से जुड़ा
जानकारी के अनुसार, थानों का Crime and Criminal Tracking Network and Systems सिस्टम अब अदालतों से जोड़ दिया गया है। थाना प्रभारी द्वारा ई-साइन करते ही FIR और फाइनल फॉर्म की डिजिटल कॉपी सीधे संबंधित कोर्ट तक पहुंच जाएगी। इससे कागजी प्रक्रिया और फाइलों के लंबित रहने की समस्या काफी हद तक कम होगी।
ई-साइन को कानूनी मान्यता
पुलिस विभाग के अनुसार, यह डिजिटल हस्ताक्षर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत पूरी तरह वैध और मान्य होंगे। यानी ई-साइन किए गए दस्तावेज अदालत में कानूनी रूप से स्वीकार किए जाएंगे।
जांच अधिकारियों को फिलहाल मिली छूट
हालांकि, फिलहाल जांच अधिकारियों (IO) के लिए सिस्टम में ई-साइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वे फाइनल फॉर्म के प्रिंट आउट पर पारंपरिक तरीके से हस्ताक्षर करेंगे।
न्यायिक प्रक्रिया में आएगी तेजी
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस और न्यायालय के बीच दस्तावेजों के आदान-प्रदान में तेजी आएगी। विभाग का मानना है कि इससे केस प्रक्रिया तेज होगी और न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।