Ranchi News : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के कारागारों में अधिकारियों पर महिलाओं के व्यवस्थित यौन शोषण, शिकायतों को दबाने और आपराधिक गठजोड़ को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों को जेल भेजने की मांग की है।
काराधीक्षक और जेलर पर गंभीर आरोप
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा है कि कुछ समय पहले उन्होंने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर एक महिला कैदी के यौन शोषण और उसे गर्भवती करने के आरोपों को लेकर सरकार को अवगत कराया था। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब जेलर लवकुश कुमार के खिलाफ भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। पत्र के अनुसार, जेलर ने अपने पद और सत्ता का दुरुपयोग कर महिलाओं का शोषण किया और विरोध करने वालों को धमकाया गया।
महिला होमगार्ड के शोषण का आरोप
पत्र में दावा किया गया है कि एक महिला गृह रक्षक (होमगार्ड) के साथ जेलर ने कथित रूप से अनैतिक संबंध बनाए और लंबे समय तक उसका मानसिक व शारीरिक शोषण किया। महिला के पति द्वारा विरोध करने पर उसे धमकियां दी गईं और झूठे मुकदमों में फंसाने का भय दिखाया गया।
मरांडी ने आरोप लगाया कि चतरा कारागार में रहते हुए जेलर ने कानून और नियमों की खुलेआम अनदेखी की। यहां तक कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न झेल चुकी महिला को ही “कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न समिति” का सदस्य बना दिया गया ताकि शिकायतों को दबाया जा सके।
सरकार पर संरक्षण देने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीड़ित परिवार ने शासन और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पूरे तंत्र ने आरोपी अधिकारियों को बचाने का काम किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कारागार अधीक्षक ने पीड़ित पति को कथित रूप से पैसे लेकर पत्नी के शोषण को “सहन” करने की सलाह दी।
पत्र में कहा गया है कि यह कोई निजी विवाद नहीं, बल्कि सत्ता, पद और वर्दी के दुरुपयोग का संगठित मामला है। मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण अलग से सरकार को उपलब्ध कराए जा रहे हैं और अब जनता यह देखना चाहती है कि सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाती है या आरोपियों को संरक्षण देती है।