National News: देश में बेरोजगारी, पेपर लीक और व्यवस्था को लेकर युवाओं के भीतर बढ़ते गुस्से को अब एक नया डिजिटल चेहरा मिल गया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश की ओर से फर्जी डिग्री मामले की सुनवाई के दौरान व्यवस्था में घुसपैठ करने वालों की तुलना तिलचट्टों से किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. इसी नाराजगी और असंतोष को एक संगठित मंच देने का काम किया महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी अभिजीत दीपके ने. अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से जनसंपर्क की पढ़ाई कर चुके अभिजीत ने इस मुद्दे को डिजिटल आंदोलन का रूप दिया और देखते ही देखते यह पहल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. कुछ ही दिनों में इस मंच को लाखों नहीं बल्कि करोड़ों युवाओं का समर्थन मिलने लगा. एक्स यानी ट्विटर पर इसके करीब 1.60 लाख सदस्य जुड़ चुके हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर यह आंकड़ा 1 करोड़ के पार पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर इस तेजी से बढ़ते समर्थन ने राजनीतिक गलियारों के साथ साथ बड़े राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है.
सोशल मीडिया पर बड़े दलों को चुनौती देती दिख रही है नई डिजिटल ताकत
कॉकरोच जनता पार्टी का डिजिटल प्रभाव इस बात से समझा जा सकता है कि इंस्टाग्राम पर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बीजेपी के जहां करीब 87 लाख फॉलोअर्स हैं, वहीं यह नया मंच 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है. इतना ही नहीं, यह देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के 1.32 करोड़ फॉलोअर्स के आंकड़े के भी बेहद करीब पहुंच गई है. देशभर के पढ़े लिखे बेरोजगार युवा इस मंच को अपनी दबी हुई आवाज और सिस्टम के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का जरिया मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़कर अपनी नाराजगी, बेरोजगारी और व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
क्या चुनावी राजनीति में उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी
पार्टी को मिल रहे अप्रत्याशित समर्थन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह मंच आने वाले समय में ईवीएम के जरिए चुनावी राजनीति में भी कदम रखेगा. इस पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दल भविष्य में निश्चित रूप से चुनाव लड़ सकता है, लेकिन अभी इस पर कोई जल्दबाजी में फैसला लेना सही नहीं होगा. अभिजीत के मुताबिक इस मंच की शुरुआत किसी राजनीतिक रणनीति या लंबे प्लान के तहत नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि अगर मुख्य न्यायाधीश की वह टिप्पणी सामने न आती तो शायद इस पार्टी का अस्तित्व ही नहीं होता.
युवाओं की बात सुने बिना फैसला नहीं लेने की बात
अभिजीत दीपके ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि महज 5 से 6 दिनों के भीतर 1 करोड़ से ज्यादा लोग इस मंच से जुड़ चुके हैं. उनके अनुसार आज का युवा सबसे ज्यादा इस बात से परेशान है कि कोई भी स्थापित राजनीतिक दल या सरकार उनकी समस्याओं, बेरोजगारी और भविष्य की चिंताओं को गंभीरता से सुनने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि वह बाकी राजनीतिक दलों की तरह बिना युवाओं से बात किए फैसले नहीं लेना चाहते. पहले वह इस बड़े नेटवर्क से जुड़े युवाओं से बातचीत करेंगे, उनके सुझाव लेंगे, उनकी परेशानियों और गुस्से को समझेंगे और उसके बाद ही चुनाव लड़ने जैसे बड़े फैसले पर आगे बढ़ेंगे.
पार्टी के अनोखे नियमों ने भी खींचा युवाओं का ध्यान
डिजिटल दौर में इस मंच की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसके अलग और अनोखे नियम भी हैं. पार्टी में शामिल होने के लिए बेरोजगार होना, आलसी होना, 24 घंटे ऑनलाइन रहना और अपनी बात बेबाक तरीके से रखने जैसी शर्तें रखी गई हैं. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार मीम्स, चर्चाएं और बहसें भी हो रही हैं. साथ ही पार्टी ने मीडिया संस्थानों और कथित बिकाऊ जनप्रतिनिधियों पर सख्त नीतियां लागू करने का भी दावा किया है. शुरुआत में मजाक और मीम्स के रूप में शुरू हुई यह मुहिम अब महाराष्ट्र से निकलकर देशभर के युवाओं के बीच एक बड़े वैचारिक आंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है.
पेपर लीक, भ्रष्टाचार और व्यवस्था के खिलाफ युवाओं का नया प्रतीक बन रहा मंच
कॉकरोच जनता पार्टी अब केवल सोशल मीडिया ट्रेंड भर नहीं रह गई है. बड़ी संख्या में युवा इसे कागजी भ्रष्टाचार, पेपर लीक, बेरोजगारी और सिस्टम की कथित तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज के रूप में देखने लगे हैं. आने वाले समय में यह मंच केवल डिजिटल आंदोलन तक सीमित रहेगा या फिर देश की राजनीति में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं.