Ranchi News : डीएवी कपिलदेव स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को स्कूल की नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़खानी और यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। रांची सिविल कोर्ट के एजेसी अरविंद कुमार की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अब सजा के बिंदु पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के आदेश के बाद मनोज कुमार सिन्हा को दोषी माना गया है।
महिला कर्मी ने 2022 में दर्ज कराई थी प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार मई 2022 में डीएवी कपिलदेव स्कूल की एक महिला नर्स ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अश्लील मांग करने का आरोप लगाया था। शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
मामले की जांच पूरी होने के बाद 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। बाद में नवंबर 2022 में उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
जमानत रद्द होने के बाद भेजे गए थे जेल
पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जेल से बाहर आने के बाद मनोज कुमार सिन्हा दबाव और धमकी दे रहे हैं। इसके बाद झारखंड हाई कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी।
मनोज कुमार सिन्हा ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अदालत में सरेंडर किया था और फिर उन्हें जेल भेज दिया गया था।