Jharkhand News: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है. गुरुवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कुल 27 नक्सलियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण किया. इनमें प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े 25 और जेजेएमपी (JJMP) के 2 उग्रवादी शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वाले ये नक्सली शीर्ष कमांडर मिसिर बेसरा और असीम मंडल के दस्ते के सक्रिय सदस्य थे, जिनमें कई सब-जोनल कमेटी मेंबर, एरिया कमांडर और मारक दस्ते के उग्रवादी शामिल हैं.
भारी मात्रा में इंसास राइफल और गोलियां बरामद
सुरक्षा बलों के सामने घुटने टेकने वाले इन नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं. पुलिस के अनुसार, इनके पास से कुल 17 घातक हथियार और 2987 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं, जिनमें इंसास राइफलें और कई मैगजीन शामिल हैं. ये सभी नक्सली पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के कोल्हान क्षेत्रों में सक्रिय थे और जनवरी 2022 में गोइलकेरा में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए जानलेवा हमले (जिसमें दो बॉडीगार्ड शहीद हुए थे) समेत कई आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में शामिल रहे हैं.
इन्होंने किया सरेंडर
पुनर्वास नीति और नए सुरक्षा कैंपों के दबाव से टूटे नक्सली
झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर द्वारा जंगलों में चलाए जा रहे निरंतर अभियानों के कारण नक्सलियों की मुख्य टीम पूरी तरह टूट चुकी है. सीआरपीएफ आईजी संकित सिंह ने बताया कि पिछले छह महीनों में जंगलों के भीतर 21 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (सुरक्षा कैंप) स्थापित किए गए हैं, जिससे नक्सलियों की रीढ़ टूट गई है. अभियान आईजी नरेंद्र सिंह और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी लोगों को सरकार की नीति के तहत आर्थिक सहायता, रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और बैंक लोन जैसी पुनर्वास सुविधाएं दी जाएंगी.