Ranchi News: रांची में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि SIR के जरिए उन मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी की जा रही है, जो भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करते हैं।
अब वोटर की भी चोरी हो रही
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद देश में “चोरी और डकैती” की राजनीति देखने को मिली, लेकिन अब “वोटर की चोरी” भी सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे, जिसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ा।
बंगाल का उदाहरण देकर जताई चिंता
JMM नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और कई मामलों का सत्यापन अब तक लंबित है। उन्होंने चुनाव आयोग के नारे “एक भी वोटर छूटे नहीं” का जिक्र करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। सुप्रियो ने आशंका जताई कि झारखंड में भी इसी तरह बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं।
भाजपा पर चुनावी रणनीति का आरोप
सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा को “हताश और निराश” बताते हुए आरोप लगाया कि चुनावी रणनीति के तहत प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने असम में हुए परिसीमन का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में भी निर्वाचन क्षेत्रों की संरचना को राजनीतिक हितों के अनुसार बदलने की कोशिश हो सकती है। साथ ही एसआईआर में तैनात बीएलओ और माइक्रो ऑब्जर्वरों से निष्पक्षता बरतने की अपील की।
झारखंड की राजनीतिक संवेदनशीलता समझे आयोग
चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड न तो असम है और न ही बंगाल। यह राजनीतिक संघर्ष से बना राज्य है, जिसकी अपनी अलग जनभावना और राजनीतिक संस्कृति है। उन्होंने कहा कि आयोग को राज्य की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए ही किसी भी कार्ययोजना पर आगे बढ़ना चाहिए।