Jamshedpur: जमशेदपुर में सोमवार को दो विद्यार्थियों के साथ हुई एक घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों छात्र को-ऑपरेटिव कॉलेज जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ता भटकने के कारण वे गलती से जू जाने वाले मार्ग की ओर चले गए। आगे बढ़ते हुए वे जयंती सरोवर के रास्ते आगे पहुंचे ही थे, जहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित बताया जाता है।
सूचना बोर्ड नहीं होने से हुई परेशानी
छात्रों का कहना है कि जिस रास्ते से वे अंदर पहुंचे, वहां ऐसा कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड नहीं लगा था जिससे बाहरी लोगों को यह जानकारी मिल सके कि आगे वाहनों का प्रवेश वर्जित है। आमतौर पर वहां एक गार्ड तैनात रहता है, जो लोगों को रोककर जानकारी देता है, लेकिन उस समय गार्ड ने उन्हें नहीं देखा। इसी वजह से दोनों छात्र अनजाने में आगे निकल गए।
वापस लौटने के दौरान हुई बहस
विद्यार्थियों के अनुसार, कुछ दूर आगे जाने के बाद वहां मौजूद गार्ड ने उन्हें वापस लौटने के लिए कहा। इसी दौरान वहां पर आएं टाइगर जवानों ने उन्हें रोक लिया। छात्रों का आरोप है कि उनसे पहले टाइगर जवानो ने कथित तौर पर मारपीट की और उसके बाद 1300 रुपये की मांग की गई। बाद में जब वे 1300 देने में अक्षम रहे तो रकम घटाकर 1000 रुपये कर दी गई। छात्रों ने बताया कि उनके पास इतनी राशि नहीं थी। काफी देर तक बातचीत और बहस के बाद अंत में उनसे 400 रुपये लेकर जाने दिया गया।
विद्यार्थियों ने उठाए सवाल
घटना के बाद छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि वहां वाहनों के प्रवेश पर रोक है तो मुख्य रास्ते पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए हैं। उनका कहना है कि बाहर से आने वाले लोग जानकारी के अभाव में आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा है और प्रशासन से उचित जांच तथा स्पष्ट सूचना व्यवस्था करने की मांग उठ रही है।