Jharkhand News: झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी (कोषागार) घोटाले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. बोकारो और हजारीबाग कोषागार से पुलिसकर्मियों के वेतन, टीए-डीए और पुरस्कार मद में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी के मामले में आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को जब्त करने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है. केस में चार्जशीट दायर होने के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत इन संपत्तियों को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
घोटाले का मास्टरमाइंड कौशल पांडेय और मनी ट्रेल का खुलासा
जांच में सामने आया है कि इस पूरे अंतर-जिला घोटाले का मास्टरमाइंड बोकारो का लेखापाल कौशल कुमार पांडेय है, जिसने हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा में जालसाजी कर सरकारी फंड उड़ाया. कौशल ने अवैध कमाई को अपनी पत्नी अनु पांडेय के बैंक खातों में ट्रांसफर किया और बड़े पैमाने पर सोने-चांदी की खरीद में निवेश किया. एक दारोगा के वेतन मद में हुई 3.15 करोड़ की फर्जी निकासी की जांच में पता चला कि वित्तीय वर्ष 2024-25 से लेकर मार्च 2026 तक सैलरी की यह भारी-भरकम राशि कौशल द्वारा अपनी पत्नी के नाम पर खुलवाए गए बैंक खाते में भेजी जा रही थी.
शंभू गुप्ता और सहयोगियों की अवैध संपत्तियों पर शिकंजा
हजारीबाग कोषागार मामले के आरोपी लेखापाल शंभू कुमार गुप्ता और उसकी पत्नी काजल की गिरफ्तारी के बाद उनकी अकूत संपत्ति का पता चला है. शंभू ने हजारीबाग के दीपूगढ़ा में आलीशान मकान के अलावा गया, बोधगया और एयरपोर्ट रोड के पास तकरीबन नौ अचल भूखंड खरीदे थे, जिनकी रजिस्ट्री के दस्तावेज सीआईडी ने जुटा लिए हैं. उसकी पत्नी के नाम पर विभिन्न राज्यों से ऑपरेट होने वाले 14 संदिग्ध बैंक खातों का भी पता चला है. इसके अलावा, मामले के अन्य आरोपियों, रजनीश ने रांची व हजारीबाग में जमीन खरीदी, जबकि जमादार अशोक भंडारी के तीन मंजिला मकान सहित 1.93 करोड़ रुपये पहले ही फ्रीज किए जा चुके हैं.
केस की टाइमलाइन और अब तक की बड़ी गिरफ्तारियां
ट्रेजरी घोटाले की जांच अप्रैल महीने से लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है. बीते 7 और 8 अप्रैल को बोकारो के स्टील सिटी और हजारीबाग के लोहसिंघना थाने में अवैध निकासी के केस दर्ज हुए थे, जिसके बाद मास्टरमाइंड कौशल सहित तीन पुलिसकर्मियों को जेल भेजा गया था. इसके बाद 24 अप्रैल को सरकार के कड़े आदेश पर सीआईडी ने केस को टेकओवर किया और एसआईटी का गठन किया. जांच आगे बढ़ने पर 27 अप्रैल को बोकारो एसपी कार्यालय के होमगार्ड जवान सतीश को गिरफ्तार किया गया, जिसके खाते में 1.10 करोड़ का मनी ट्रेल मिला था. इसके बाद 29 अप्रैल को कौशल के सहयोगी जमादार अशोक भंडारी की गिरफ्तारी हुई और अंततः 08 मई को एक उच्चस्तरीय जांच टीम ने बोकारो पहुंचकर सभी प्रमाणित दस्तावेज जब्त किए, जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए रांची मुख्यालय लाया गया है.