Ranchi News: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों योगेश प्रसाद और विकास कुमार ने अदालत में जमानत की गुहार लगाई है. दोनों की ओर से अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया है कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था JSSC ने स्वयं पेपर लीक से इनकार किया है, ऐसे में उनके खिलाफ लगाया गया आरोप टिकता नहीं है. इसी आधार पर कोर्ट से राहत देने की मांग की गई है.
पुलिस का दावा: तीनों आरोपी परीक्षा पास कराने के लिए संगठित तरीके से कर रहे थे काम
इससे पहले इसी मामले में गिरफ्तार आरोपी आशीष कुमार भी जमानत याचिका दायर कर चुका है. पुलिस का दावा है कि तीनों आरोपी एक ऐसे गिरोह (सॉल्वर गैंग) से जुड़े हैं, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए संगठित तरीके से काम कर रहा था.
जांच एजेंसियों के अनुसार 11 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में छापेमारी कर कुल 166 लोगों को हिरासत में लिया गया था. इनमें बड़ी संख्या में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी शामिल थे. बाद में 158 अभ्यर्थियों को अदालत से जमानत मिल गई, जबकि गिरोह के कथित संचालकों पर कार्रवाई जारी है.
रटवाया जा रहा था अभ्यर्थियों को संभावित सवाल और जवाब
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को संभावित सवाल और जवाब रटवा रहे थे. इसके लिए गांव के एक अधूरे भवन में अभ्यर्थियों को ठहराया गया था. जांच में यह भी सामने आया कि कई छात्रों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में रखे गए थे. कुछ से बैंक चेक भी जमा कराए गए थे.
मामले में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद को गिरोह का मुख्य सदस्य बताया गया है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि परीक्षा से पहले संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं, जिसके बाद विशेष टीम ने देर रात छापा मारकर कार्रवाई की थी.