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  • 2026-05-15

Suvendu Adhikari PA Murder: चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में झारखंड कनेक्शन, CBI की SIT में रांची और धनबाद के DSP शामिल

Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. इस हाईटेक मर्डर सिंडिकेट के तार झारखंड सहित चार राज्यों से जुड़े हैं, जिसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रांची और धनबाद के तेजतर्रार डीएसपी को शामिल कर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है.

वारदात में हुआ झारखंड से चोरी की कार का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि 6 मई की रात कोलकाता के मध्यमग्राम में हुई इस सनसनीखेज हत्या के लिए अपराधियों ने झारखंड से एक निसान माइक्रा कार चुराई थी. पकड़े जाने से बचने के लिए कार का चेसिस नंबर पूरी तरह घिस दिया गया था और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी गई थी. इस गाड़ी का इंतजाम बिहार के बक्सर से गिरफ्तार शूटर और फंड मैनेजर मयंक राज मिश्र ने किया था, जिसने झारखंड से गाड़ी लेकर बंगाल की सीमा में प्रवेश किया था.

सीबीआई की एसआईटी में झारखंड के अफसर
मामले के अंतरराज्यीय नेक्सस और झारखंड कनेक्शन को देखते हुए सीबीआई की आठ सदस्यीय एसआईटी में झारखंड के अधिकारियों को महत्वपूर्ण कमान सौंपी गई है. इसमें धनबाद के डीएसपी विकास पाठक को टीम का मुख्य हिस्सा बनाया गया है, जबकि रांची के डीएसपी कुलदीप और पटना के डीएसपी अमित कुमार को भी शामिल किया गया है. इस पूरी विशेष टीम की कमान नई दिल्ली के डीआईजी पंकज कुमार सिंह और कोलकाता के ज्वाइंट डायरेक्टर संभाल रहे हैं.

1 करोड़ की सुपारी, अत्याधुनिक पिस्टल और सिग्नल ऐप से रेकी
चंद्रनाथ रथ की हत्या का ताना-बाना बेहद हाईटेक था, जिसके लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तैयार किया गया था और शूटरों को 70 लाख रुपये दिए गए थे. मर्डर के लिए ब्लैक मार्केट से 10-10 लाख रुपये की दो ग्लॉक 47एक्स स्तर की अत्याधुनिक पिस्टल खरीदी गई थीं. अपराधियों को पीड़ित की तस्वीरें और पल-पल का मूवमेंट सिग्नल ऐप के जरिए भेजा जा रहा था. हालांकि, इस कांड का असली मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम का ही एक स्थानीय व्यक्ति है, जिसने हत्या का आखिरी ऑर्डर दिया था.

टोल प्लाजा पर ऑनलाइन पेमेंट से खुली पोल
अपराधियों ने बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन टोल नाकों पर किए गए डिजिटल पेमेंट ने उनकी पोल खोल दी. फंड मैनेजर मयंक राज मिश्र ने रास्ते के टोल नाकों और हावड़ा के बाली टोल गेट पर अपने मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान किया था. इसी डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पुलिस ने तीन शूटरों राज सिंह, मयंक राज मिश्र और विक्की मौर्या को धर दबोचा. सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि हत्या के बाद सभी अपराधी सियालदह स्टेशन से झारखंड-बिहार की ट्रेनों में सवार होकर फरार हुए थे, जिनकी तलाश में सीबीआई छापेमारी कर रही है.
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