Seraikela: सरायकेला के गैस गोदाम में शुक्रवार को अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला। भीषण गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर और छोटे बच्चों को गोद में लिए लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। धीमी वितरण प्रक्रिया और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शिकायत मिलने पर गैस गोदाम पहुंचे मनोज कुमार चौधरी
जनता की शिकायत मिलने पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी खुद गैस गोदाम पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं, पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बातचीत कर गैस आपूर्ति को बेहतर और व्यवस्थित करने पर जोर दिया।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार जनता के सुख-दुख में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए खाद्य आपूर्ति मंत्री, जिला उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी स्तर पर हस्तक्षेप कराया जाएगा। उनकी मौजूदगी के बाद गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई शुरू हुई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली।
“सिर्फ भाषण और विज्ञापन से नहीं बनता विकसित राष्ट्र”
उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र केवल भाषण, विज्ञापन और आयोजनों से नहीं बनते, बल्कि संकट के समय आम लोगों को कितनी सुविधा और राहत मिलती है, यही उसकी असली पहचान होती है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां वर्षों पहले से ऊर्जा सुरक्षा, तेल भंडारण और वैकल्पिक ऊर्जा पर काम किया गया है, जबकि भारत में आज भी आम लोगों को गैस सिलेंडर और ईंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
महंगाई और बेरोजगारी पर भी उठाए सवाल
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि पिछले वर्षों में रिकॉर्ड जीएसटी और टैक्स वसूली के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर रेलवे में लंबी वेटिंग, महंगी शिक्षा, महंगा इलाज, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई आम लोगों की रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है।
गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ मंच से भाषण देना नहीं, बल्कि कठिन समय में जनता के बीच खड़ा रहना है। अंत में उन्होंने मांग की कि गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।