Jharkhand News: बोकारो की 18 वर्षीय युवती के रहस्यमयी तरीके से लापता होने के मामले में झारखंड हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ को सूचित किया कि बरामद कथित कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए (DNA) सैंपल के मिलान में करीब 20 दिनों का समय लगेगा. इसके लिए सैंपल देवघर एम्स से लेकर कोलकाता स्थित सीएफएसएल (CFSL) भेज दिए गए हैं.
कंकाल की पहचान पर प्रार्थी पक्ष को संदेह
सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष यह बात दोहराई कि बरामद किया गया कंकाल उनकी बेटी का नहीं है. इसी संदेह को दूर करने के लिए अदालत ने पहले ही आदेश दिया था कि रिम्स से कंकाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर और माता-पिता का डीएनए सैंपल लेकर उनका वैज्ञानिक मिलान कराया जाए. पुलिस की ओर से बोकारो एसपी और पिंडराजोरा थाना प्रभारी इस दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हुए.
8 जून को होगी अगली महत्वपूर्ण सुनवाई
अदालत ने केंद्र सरकार की अधिवक्ता को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 8 जून तक हर हाल में डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट पेश की जाए. हाई कोर्ट ने इस तारीख को अगली सुनवाई के लिए मुकर्रर किया है. यह रिपोर्ट तय करेगी कि बरामद कंकाल लापता युवती का ही है या जांच की दिशा में कोई और नया मोड़ आने वाला है.
मां की हेबियस कॉर्पस याचिका पर हो रही जांच
उल्लेखनीय है कि लापता युवती की मां रेखा देवी ने अपनी बेटी की तलाश के लिए हाई कोर्ट में हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की है. युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है, जिसके संबंध में पिंडराजोड़ा थाने में मामला दर्ज है. पिछले काफी समय से पुलिस की जांच इस कंकाल की शिनाख्त पर टिकी हुई है, जिसका खुलासा अब वैज्ञानिक जांच के बाद ही संभव हो पाएगा.