Jamshedpur: टाटानगर रेलवे स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में एक तेंदुआ दिखने का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यार्ड और आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल व्याप्त हो गया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अब तक किसी भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हो पाई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वन विभाग की टीमें स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल इसे आधिकारिक मानने से इनकार किया है।
फेक वीडियो की आशंका, अमरावती का दिया हवाला
रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी सूचना को साझा न करें। अधिकारियों ने याद दिलाया कि पिछले कुछ महीनों में रेलवे ट्रैक पर जंगली जानवरों के दिखने के कई AI-generated (फेक) वीडियो वायरल हो चुके हैं। हाल ही में अमरावती के बदनेरा ट्रैक पर भी ऐसा ही एक वीडियो फर्जी पाया गया था। वन विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मौके पर पगमार्क (पैरों के निशान) या किसी जानवर पर हमले के ठोस सबूत नहीं मिलते, तब तक किसी वीडियो को सच नहीं माना जा सकता।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, अफवाहों से बचें
वन विभाग और RPF ने संयुक्त रूप से नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि यार्ड के पास अनावश्यक भीड़ न लगाएं, क्योंकि भीड़ की मौजूदगी रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा डाल सकती है और जानवर को उग्र बना सकती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे शाम के बाद बच्चों को अकेले बाहर न निकलने दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत RPF हेल्पलाइन 139 या पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर सूचना देने का आग्रह किया गया है।
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी, दूरी बनाए रखें
अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिस्थिति में कोई जंगली जानवर नजर आए, तो उसे कैमरे में रिकॉर्ड करने की कोशिश न करें। जानवर के साथ "सेल्फी" या वीडियो बनाने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। गौरतलब है कि ओडिशा के गंजम जिले में भी ऐसी ही अफवाह के बाद ड्रोन और ट्रैप कैमरे लगाए गए थे, लेकिन वहां कोई तेंदुआ नहीं मिला था। टाटानगर प्रशासन फिलहाल पूरी तरह सतर्क है और लोगों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है।