Jharkhand News: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की कानून व्यवस्था को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. धनबाद में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस, गैंगस्टर और माफिया का एक खतरनाक गठजोड़ बन चुका है. मरांडी के अनुसार, यह स्थिति कोई संयोग नहीं है, बल्कि जानबूझकर पैदा की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अपराधी और माफिया तेजी से फल-फूल रहे हैं, जिससे आम जनता का विश्वास तंत्र से पूरी तरह डगमगा गया है.
दागी अफसरों की नियुक्तियों पर उठाए सवाल
मरांडी ने प्रशासनिक नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दागी अफसरों को जिलों और प्रदेश के महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जाएगा, तो बेहतर कानून व्यवस्था की उम्मीद करना बेमानी है. उन्होंने धनबाद एसएसपी और अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वर्दीधारियों और अपराधियों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है. उन्होंने शराब घोटाले और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की लापरवाही के कारण कई आरोपी बिना चार्जशीट के ही जमानत पर बाहर आ गए हैं.
प्रिंस खान मामले में एनआईए जांच की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान मरांडी ने अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर इशारा करते हुए मामले को एनआईए (NIA) को सौंपने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रिंस खान द्वारा जारी वीडियो और पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते अवैध हथियारों की सप्लाई यह साबित करती है कि यह केवल अंतरराज्यीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय गिरोह का मामला है. उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को शूटर उपलब्ध कराने वालों को पुलिस द्वारा बॉडीगार्ड और आर्म्स लाइसेंस तक दिए गए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच राज्य सरकार के बस की बात नहीं है.
डीजीपी की नियुक्ति और सेवा विस्तार को बताया अवैध
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति और सेवा विस्तार की प्रक्रिया को भी कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर चहेते अफसरों को पदोन्नति और सेवा विस्तार दिया जा रहा है. मरांडी ने स्पष्ट किया कि जब शीर्ष स्तर पर ही नियुक्तियां गैर-कानूनी तरीके से होंगी, तो निचले स्तर पर पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था कभी ठीक नहीं हो सकती. इस दौरान धनबाद सांसद ढुल्लू महतो भी उनके साथ मौजूद थे और उन्होंने भी बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई.