Jamshedpur: शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी और चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी बिल्डर को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जमशेदपुर न्यायालय ने सीतारामडेरा निवासी और "भारती एंटरप्राइजेज" के संचालक नवीन प्रकाश को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ अदालत ने पीड़ित को उसकी बकाया राशि और मानसिक परेशानी के लिए हर्जाना देने का भी निर्देश दिया है।
पैसे लिए पर नहीं दिया फ्लैट: क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भुइयांडीह के रहने वाले सत्य नारायण सिंह ने अपने सपनों का घर (फ्लैट) खरीदने के लिए बिल्डर नवीन प्रकाश से संपर्क किया था। उन्होंने फ्लैट बुक करने के लिए लाखों रुपये का भुगतान बिल्डर को किया। आरोप है कि लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी जब बिल्डर ने न तो फ्लैट का कब्जा सौंपा और न ही पैसे वापस किए, तो मामला बिगड़ गया। बार-बार के तकादे और दबाव के बाद नवीन प्रकाश ने समझौता स्वरूप 11 लाख 50 हजार रुपये का एक चेक शिकायतकर्ता को थमाया।
बैंक में चेक हुआ बाउंस, कानूनी लड़ाई में फंसा बिल्डर
सत्य नारायण सिंह ने जब उस चेक को अपने बैंक खाते में जमा किया, तो वह राशि की कमी (बाउंस) के कारण वापस आ गया। ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने एनआई एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया। कानूनी कार्यवाही के दौरान आरोपी ने दिखावे के तौर पर मात्र 1 लाख रुपये लौटाए, लेकिन शेष बड़ी रकम का भुगतान करने में आनाकानी करता रहा। आखिर में मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए कोर्ट ने बिल्डर को दोषी करार दिया।
जेल के साथ 13 लाख से अधिक का भुगतान करने का आदेश
न्यायालय ने अपने फैसले में आरोपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह जेल की सजा काटने के साथ-साथ शिकायतकर्ता की शेष राशि 10 लाख 50 हजार रुपये तुरंत लौटाए। इसके अतिरिक्त, अदालत ने पीड़ित की क्षतिपूर्ति के लिए 2 लाख 81 हजार 750 रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस फैसले से उन बिल्डरों को कड़ा संदेश गया है जो ग्राहकों की गाढ़ी कमाई लेकर काम लटकाते हैं या भुगतान के नाम पर फर्जी चेक थमा देते हैं।