Jharkhand: झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। मौसम केंद्र रांची ने आज यानी 10 मई को राज्य के लगभग सभी हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान गर्जना के साथ वज्रपात (ठनका) और हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में दिखेगा आंधी-बारिश का असर, दक्षिण और मध्य झारखंड में विशेष चेतावनी
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। विशेष रूप से राजधानी रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में मेघ गर्जन और वज्रपात की प्रबल संभावना है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिणी और मध्य झारखंड के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का प्रभाव अधिक देखा जा सकता है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहें।
तापमान का गणित, डालटनगंज रहा सबसे गर्म, रांची में राहत
राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में आज दिनभर बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की उम्मीद है। रांची में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। वहीं, दूसरी ओर डालटनगंज फिलहाल राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। बारिश के इस दौर के बाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी पारे में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
क्यों बदला मौसम? चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन का असर
मौसम वैज्ञानिकों ने इस बदलाव के पीछे के तकनीकी कारणों को स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में बने एक ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तथा एक ट्रफ लाइन के प्रभाव से झारखंड के वायुमंडल में नमी आ रही है। इसी मौसमी तंत्र के कारण झारखंड में आंधी-बारिश की गतिविधियां शुरू हुई हैं। जानकारों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात का यह दौर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी का असर कम रहेगा लेकिन खेती और जनजीवन पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।