Ranchi: रांची के आर्यभट्ट सभागार में शनिवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में CBSE, ICSE और JAC बोर्ड से जुड़े स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
फीस बढ़ोतरी और छात्रों की सुविधाओं पर हुई समीक्षा
बैठक में स्कूलों की फीस वृद्धि, इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्रों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण जैसे विषयों की समीक्षा की गई। जिला प्रशासन ने जांच के दौरान पाया कि कई स्कूलों में निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाई गई है। नियमों के अनुसार दो वर्षों के भीतर अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि की जा सकती है, लेकिन समीक्षा में कुछ स्कूलों में 7 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी के मामले सामने आए।
कई स्कूलों ने अब तक नहीं बनाई फीस मैनेजमेंट कमेटी
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि 13 अप्रैल को आयोजित पिछली बैठक के बाद जिले के 149 CBSE और ICSE स्कूलों में से 129 स्कूलों ने फीस मैनेजमेंट कमेटी और PTA का गठन कर उसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी है। हालांकि अब भी 20 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही संबंधित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भी इसकी जानकारी भेजी जाएगी।
92 स्कूलों में फीस नियमों के उल्लंघन की पुष्टि
पिछले तीन वर्षों की फीस संरचना की समीक्षा के दौरान प्रशासन को 92 स्कूलों में फीस संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामले मिले। इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 10 से 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन प्लान आरटीई नोडल पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं। प्रशासन ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ली गई अतिरिक्त फीस को छात्रों की आगामी मासिक फीस में समायोजित किया जाएगा, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
25 प्रतिशत BPL एडमिशन पर भी हुई चर्चा
बैठक में RTE के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी सिस्टम के जरिए दाखिले कराए गए थे। इस वर्ष भी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही लॉटरी प्रक्रिया आयोजित कर पात्र छात्रों का नामांकन सुनिश्चित कराया जाएगा।
नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने दिखाई सख्ती
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने सभी स्कूल प्रबंधन को नियमों का सख्ती से पालन करने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर मनमानी फीस वृद्धि या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।