Jharkhand News: रामगढ़ जिले के कई पंचायतों में मंईयां सम्मान योजना के लाभुक इन दिनों असमंजस की स्थिति में हैं. मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में भौतिक सत्यापन को लेकर लगातार संदेश वायरल होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है.
वायरल संदेशों में कहा जा रहा है कि पंचायत स्तर पर 8 मई से 15 मई तक लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा. यह प्रक्रिया पंचायत सहायकों के माध्यम से पूरी होने की बात कही जा रही है. हालांकि जमीनी स्तर पर कई पंचायतों में इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक तैयारी या सूचना नहीं दिखाई दे रही है.
इचाकडीह, सोनडीहा, बड़गांव, केदला मध्य, केदला उत्तरी, लईयो, सारूबेड़ा और बसंतपुर पंचायतों में बड़ी संख्या में लाभुक सत्यापन को लेकर परेशान हैं. लोगों को डर है कि अगर तय समय के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उनका नाम योजना से हट सकता है या लाभ बंद हो सकता है.
सूत्रों के अनुसार सत्यापन के दौरान लाभुकों से आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जमा कराने की बात कही जा रही है. लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों को ही इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं होने से स्थिति और उलझ गई है.
कई पंचायत सेवकों ने बताया कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. जनप्रतिनिधियों का भी कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने के कारण लोगों को सही जानकारी देना मुश्किल हो रहा है.
इधर लाभुक लगातार पंचायत भवनों और जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचकर जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं. सत्यापन प्रक्रिया को लेकर फैली भ्रम की स्थिति ने ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल बना दिया है.
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि योजना से संबंधित दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से जारी किए जाएं ताकि पात्र लाभुक किसी तरह की अफवाह या भ्रम का शिकार न हों.