Ranchi News : झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए जा रहे धमकी भरे वीडियो और उन्हें जनप्रतिनिधियों एवं प्रभावशाली लोगों द्वारा साझा किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने कहा कि जब कोई अपराधी खुलेआम वीडियो बनाकर राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चुनौती देता है, तो वह केवल किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि संविधान और कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा होता है।
अपराधियों के वीडियो साझा करने से समाज में जाता है गलत संदेश : पुलिस एसोसिएशन
एसोसिएशन का कहना है कि जिन लोगों के हाथों में कानून बनाने और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, अगर वही लोग ऐसे वीडियो को लाइक, शेयर या पोस्ट करते हैं तो इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। बयान में कहा गया कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपराधी के वीडियो को सोशल मीडिया पर जगह देने से समाज में यह संदेश जाता है कि कानून से बड़ा बाहुबल है। इससे पुलिस बल का मनोबल कमजोर होता है और आम लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा कि यदि किसी पुलिस पदाधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ शिकायत है, तो उसके लिए स्वतंत्र जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की जा सकती है। इसके लिए किसी अपराधी के वीडियो का सहारा लेना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने कहा कि अपराधी ऐसे वीडियो के जरिए समाज में भय का माहौल बनाना चाहते हैं और जब प्रभावशाली लोग इन्हें साझा करते हैं तो वे अनजाने में उसी भय को फैलाने का माध्यम बन जाते हैं।
युवा पीढ़ी पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव, साइबर विंग से कार्रवाई की मांग
एसोसिएशन ने चिंता जताई कि सोशल मीडिया पर अपराध और गैंगस्टर संस्कृति को ग्लैमर मिलने से युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। इससे कानून का पालन करने वाले नागरिक बनने के बजाय अपराध की ओर आकर्षण बढ़ने का खतरा पैदा होता है। बयान में कहा गया कि ऐसी प्रवृत्ति बढ़ने पर पुलिस के लिए अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था बनाए रखना और कठिन हो जाएगा।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि एक पुलिसकर्मी केवल व्यक्ति नहीं बल्कि राज्य की शक्ति और कानून व्यवस्था का प्रतीक होता है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों को दी गई धमकियों का प्रचार-प्रसार करना राज्य की संप्रभुता का अपमान है।
एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित प्राधिकारों से मांग की है कि अपराधियों का महिमामंडन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। साथ ही पुलिस के साइबर विंग को उन लोगों पर भी नजर रखने और कार्रवाई करने की जरूरत बताई गई है, जो ऐसी सामग्री को वायरल करने में भूमिका निभाते हैं।