Jharkhand News: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-02 की योजनाओं में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. नरकी कला टोला नावाडीह निवासी जल सहिया गेंदो कुमारी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और संवेदकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उपायुक्त कार्यालय को सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि ग्राम जल स्वच्छता समिति नरकी कला के नाम पर चल रही योजनाओं में उनके जाली हस्ताक्षर कर लाखों रुपये की सरकारी राशि निकाल ली गई. शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया की उन्हें कानों-कान भनक तक नहीं लगने दी गई.
लूट के संगठित नेटवर्क की सक्रियता पर उठे सवाल
इस मामले ने विभागीय कार्यशैली और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संवेदक, पंचायत प्रतिनिधि और विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से योजनाओं को लूटने का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है. जल सहिया का कहना है कि जब उन्होंने इस अनियमितता का विरोध किया, तो उन्हें ही झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जाने लगी. आवेदन के साथ साक्ष्य के तौर पर कई दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं, जो कागजों पर किए गए फर्जी भुगतान और जाली हस्ताक्षरों की ओर इशारा करते हैं.
उपायुक्त ने पीएचईडी अभियंता को दिए जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त कार्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है. कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी हजारीबाग को पत्र जारी कर पूरे प्रकरण की गहन जांच करने और दोषियों पर सख्त विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासनिक हलकों में मची इस खलबली के बीच अब यह जांच का विषय है कि बिना वास्तविक सत्यापन और हस्ताक्षर के इतनी बड़ी राशि का भुगतान बैंक और विभाग के स्तर से कैसे संभव हुआ. प्रशासन अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटा है जिन्होंने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया.
अन्य पंचायतों में भी घोटाले की आशंका से हड़कंप
सूत्रों के अनुसार यह मामला सिर्फ एक पंचायत तक सीमित नहीं है. ग्रामीणों और विभागीय गलियारों में चर्चा है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो जिले की कई अन्य पंचायतों में भी इसी तरह के फर्जी भुगतान के मामले उजागर हो सकते हैं. लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि स्वच्छता के नाम पर आने वाला पैसा धरातल पर लग रहा है या केवल फाइलों और जाली हस्ताक्षरों के खेल में गायब हो रहा है. फिलहाल सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दोषियों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है.