Tata Trusts Board Meeting Postponed: टाटा समूह से जुड़े दो प्रमुख ट्रस्ट सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की अहम बोर्ड बैठक अब 16 मई को आयोजित की जाएगी। पहले यह बैठक 8 मई को तय की गई थी, लेकिन गवर्नेंस और कानूनी मामलों से जुड़ी जटिलताओं के कारण इसे टाल दिया गया। सूत्रों के अनुसार इन बैठकों में टाटा संस के बोर्ड में ट्रस्टों के प्रतिनिधित्व की समीक्षा की जानी थी। साथ ही कुछ नामित निदेशकों की भूमिका और उनकी स्थिति को लेकर भी चर्चा संभावित थी। बताया जा रहा है कि कुछ ट्रस्टी बैठक में शामिल होने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन बैठक शुरू होने से ठीक पहले उन्हें इसके स्थगित होने की सूचना दे दी गई।
टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर फिर तेज हुई चर्चा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में उन हालिया टिप्पणियों पर भी चर्चा होनी थी, जिनमें टाटा ट्रस्ट्स के उपाध्यक्ष विजय सिंह और Venu Srinivasan ने टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर अपने विचार रखे थे। माना जा रहा है कि इन बयानों के बाद ट्रस्ट्स के भीतर इस बात को लेकर गंभीर आंतरिक समीक्षा शुरू हुई कि क्या बोर्ड में शामिल सभी प्रतिनिधि कंपनी को निजी स्वामित्व वाली संस्था बनाए रखने के संस्थागत दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमत हैं या नहीं। टाटा समूह के भीतर टाटा संस को सूचीबद्ध करने या गैर-सूचीबद्ध बनाए रखने को लेकर लंबे समय से अलग-अलग मत सामने आते रहे हैं।
निजी स्वामित्व बनाए रखने के पक्ष में अधिकांश ट्रस्टी
जानकारी के अनुसार ट्रस्ट्स के अधिकतर सदस्य टाटा संस को एक गैर-सूचीबद्ध कंपनी के रूप में बनाए रखने के पक्ष में हैं। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट्स के अध्यक्ष Noel Tata भी इसी सोच का समर्थन करते हैं, हालांकि अंदरूनी स्तर पर कुछ मतभेदों की चर्चा लगातार बनी हुई है। पिछले वर्ष विजय सिंह को टाटा संस के बोर्ड में दोबारा नियुक्त नहीं किया गया था, जिसके बाद अब वेणु श्रीनिवासन की भूमिका और उनकी स्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय कॉरपोरेट जगत में उनकी मजबूत उपस्थिति और ट्रस्ट्स में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण संभावित समीक्षा को काफी अहम माना जा रहा है।
टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड में शामिल हैं कई बड़े नाम
टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड में उद्योग और कानूनी क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं। Sir Dorabji Tata Trust के बोर्ड में नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, डेरियस खंबाटा, नेविल एन. टाटा और भास्कर भट जैसे सदस्य शामिल हैं। वहीं Sir Ratan Tata Trust के बोर्ड में नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, जिमी टाटा, जहांगीर एच.सी. जहांगीर और डेरियस खंबाटा शामिल हैं। टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर चल रही चर्चा को समूह के भीतर लंबे समय से एक संवेदनशील विषय माना जाता रहा है और समय-समय पर इस पर अलग-अलग राय सामने आती रही है।