Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बड़ा दिन तय हो गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 7 मई को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है.
गांधी मैदान में शपथ ग्रहण, राज्यपाल दिलाएंगे पद और गोपनीयता की शपथ
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जानकारी दी कि शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. इस दौरान राज्यपाल नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. समारोह को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं.
एनडीए के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी, राष्ट्रीय स्तर पर फोकस
7 मई को होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. इस वजह से यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पहली बार भाजपा नेतृत्व में सरकार, चुनाव नतीजों के बाद तय हुआ विस्तार
बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी है. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं चल रही थीं. माना जा रहा था कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिसके बाद अब विस्तार की तारीख तय की गई है.
विपक्ष ने देरी पर उठाए सवाल, 15 अप्रैल को बनी थी नई सरकार
इससे पहले 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उप मुख्यमंत्री पद संभाला था. मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा था.
50- 50 फॉर्मूले पर बंटवारे की चर्चा, अलग अलग दलों को मिलेंगे मंत्री पद
पार्टी सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार में 50-50 फॉर्मूले के तहत मंत्री पदों का बंटवारा हो सकता है. संभावित सूची के मुताबिक भाजपा से 12, जदयू से 11, एलजेपी आर से 2 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा तथा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से एक एक मंत्री शपथ ले सकते हैं. हालांकि कुछ पदों को फिलहाल खाली रखने की भी बात कही जा रही है.
दिल्ली दौरे के बाद मिली सहमति, शीर्ष नेतृत्व ने दी हरी झंडी
कैबिनेट विस्तार से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. माना जा रहा है कि इसी दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम सहमति बन गई.
7 मई का यह कार्यक्रम न सिर्फ बिहार की राजनीति के लिए अहम है, बल्कि एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन को भी दर्शाएगा. अब नजर इस बात पर है कि विस्तार के बाद सरकार किस तरह से प्रशासनिक कामकाज को गति देती है और राजनीतिक समीकरणों को संतुलित करती है.