Palamu News: रांची से जुड़ा पलामू प्रमंडल के जंगलों की कटाई का मामला एक बार फिर अदालत में गूंजा. झारखण्ड हाई कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति पर अहम जानकारी सामने आई.
CID ने दी जांच की जानकारी, कुछ आरोपी गिरफ्तार, कुछ को नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान सीआईडी के डीआईजी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश हुए. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों को नोटिस जारी किया गया है. कोर्ट ने इस प्रगति को रिकॉर्ड में लेते हुए अगली सुनवाई के लिए जून महीने की तारीख तय कर दी है.
इस जनहित याचिका पर सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ में हुई. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आद्या मिश्रा ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया.
कोविड काल में सामने आया था जंगल कटाई का मामला
दरअसल, यह मामला कोविड-19 के पहले चरण के दौरान सामने आया था, जब पलामू प्रमंडल के जंगलों में बड़े पैमाने पर कटाई के आरोप लगे थे. आरोप यह भी था कि इस पूरी प्रक्रिया में कुछ वन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही. इसी को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग उठी और बाद में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई. याचिका में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सीआईडी को जिम्मेदारी देने की मांग की गई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जंगलों की कटाई किन परिस्थितियों में और किन लोगों की मिलीभगत से हुई.
फिलहाल अदालत की निगरानी में जांच आगे बढ़ रही है, लेकिन यह मामला सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है. अब नजर जून में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस केस में और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं.