West Bengal New CM: पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नई सरकार के गठन की तैयारी पूरी कर ली है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मिडिया से बातचीत में कहा कि राज्य के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह तारीख विशेष रूप से इसलिए चुनी गई है क्योंकि उस दिन विश्व कवि रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती है, जिसे बंगाल में पोचिशे बोइशाख के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.
पार्टी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की अपील
चुनावी नतीजों के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं पर समिक भट्टाचार्य ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी का झंडा लेकर हिंसा करने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांत रहने और किसी की भावनाओं को आहत न करने की अपील करते हुए कहा कि बंगाल की जीत का जश्न पूरे देश में मनाया गया है, लेकिन अब पार्टी के सामने राज्य के विकास की बड़ी चुनौतियां हैं.
मुख्यमंत्री के चेहरे पर सस्पेंस बरकरार
बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के आंकड़े (148) को पार कर लिया है, जिससे बंगाल में सत्ता परिवर्तन का उसका सपना सच हो गया है. हालांकि, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसे लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है. पार्टी आलाकमान और नवनिर्वाचित विधायकों के बीच बैठकों का दौर जारी है ताकि सर्वसम्मति से नए नेता का चयन किया जा सके और 9 मई के भव्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके.
बंगाल के लिए 9 मई का सांस्कृतिक महत्व
पश्चिम बंगाल में रवींद्र जयंती बंगाली कैलेंडर के बैशाख महीने के 25वें दिन मनाई जाती है, जो इस साल 9 मई को पड़ रही है. जबकि देश के अन्य हिस्सों में टैगोर की जयंती 7 मई को मनाई जाएगी, बंगाल में पोचिशे बोइशाख का सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है. इसी गौरवशाली दिन को नई सरकार की शुरुआत के लिए चुनकर बीजेपी ने बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों के साथ जुड़ने का बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है.