Jharkhand News: सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर सीएचसी में जच्चा और नवजात शिशु की मौत के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. स्थानीय मीडिया में खबर सामने आने के बाद उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए विस्तृत और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं. इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जिला स्तर पर एक जांच कमेटी गठित की गई है.
जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित, जिम्मेदारी तय करने के निर्देश
उपायुक्त द्वारा गठित इस कमेटी में अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह और सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रीति मांझी को शामिल किया गया है. कमेटी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जच्चा और नवजात की मौत के कारणों का पता लगाया जाए और जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण, सुविधाओं से लेकर दस्तावेज तक की जांच
गठित कमेटी ने उपायुक्त की उपस्थिति में राजनगर सीएचसी का निरीक्षण किया. इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, उपकरणों की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, जेनरेटर पावर बैकअप, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति पंजी सहित मरीज के इलाज से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच की गई.
परिजनों का बयान दर्ज, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
उपायुक्त ने मृतका बिनीता बानरा के परिजनों से मुलाकात कर उनका बयान भी दर्ज किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही, कर्तव्य में कमी या संसाधनों की कमी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे बिजली, जेनरेटर, जरूरी उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरतें. पूरे मामले की जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि जल्द से जल्द आगे की कार्रवाई की जा सके.