Jharkhand News: रांची में हुई एक अहम उच्चस्तरीय बैठक में झारखंड सरकार ने प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कई बड़े फैसले लिए हैं. मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रशासी पदवर्ग समिति की बैठक में वित्त विभाग और राज्य वित्त आयोग में नए पद सृजित करने पर सहमति बनी.
कोषागार व्यवस्था मजबूत करने के लिए नए पद सृजन का फैसला
बैठक में वित्तीय प्रशासन को बेहतर बनाने पर खास जोर दिया गया. कोषागार और उप कोषागारों को सुदृढ़ करने के लिए राजपत्रित पदों के सृजन का निर्णय लिया गया. इसके तहत चार वरीय कोषागार पदाधिकारी के पदों को प्रत्यर्पित करते हुए उनकी जगह चार नए कोषागार पदाधिकारियों के पद सृजित करने की अनुशंसा की गई है. इस कदम का उद्देश्य वित्तीय कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाना है.
राज्य वित्त आयोग को गति देने के लिए 18 नए पदों की मंजूरी
पंचम राज्य वित्त आयोग के कार्यों को तेजी देने के लिए रांची स्थित झारखंड राज्य वित्त आयोग के कार्यालय में कुल 18 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इन पदों की अनुशंसा आयोग के कार्यकाल 27 जनवरी 2029 तक के लिए की गई है, ताकि आयोग अपने दायित्वों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर सके.
प्रशासनिक से तकनीकी तक कई स्तरों पर होंगी नियुक्तियां
बैठक में विभिन्न श्रेणियों के पदों को स्वीकृति दी गई है. इनमें उप सचिव का एक पद, अवर सचिव का एक पद और विशेष कार्य पदाधिकारी का एक पद शामिल है. इसके अलावा प्रशाखा पदाधिकारी का एक पद, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के दो पद और वरीय प्रधान आप्त सचिव के दो पदों पर नियुक्ति की जाएगी. साथ ही सलाहकार के रूप में विषय विशेषज्ञ, रिसर्च असिस्टेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर और चालक के पद भी भरे जाएंगे. इनमें से कुछ नियुक्तियां संविदा और आउटसोर्सिंग के आधार पर की जाएंगी.
सरकार का यह फैसला संकेत देता है कि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और कार्यक्षमता बढ़ाने पर स्पष्ट फोकस है. नए पदों के सृजन से वित्तीय प्रबंधन और आयोग के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर शासन व्यवस्था की कार्यकुशलता पर पड़ेगा.