Jamshedpur: पोटका के सबरनगर स्थित राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान विधायक संजीव सरदार स्कूल की बदहाल स्थिति देखकर नाराज हो उठे। सुबह अचानक पहुंचे विधायक ने परिसर का जायजा लिया तो व्यवस्थाओं की गंभीर खामियां सामने आईं। इस दौरान उन्होंने प्रधानाध्यापक शशिकांत पाठक और सुपरिटेंडेंट हेमंत कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों के साथ इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भोजन, पानी और बिजली की भारी कमी, छात्रों ने बयां किया दर्द
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में रह रहे 248 आदिवासी छात्रों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। छात्रों ने खुद विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं और बताया कि उन्हें तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता। हॉस्टल और शौचालयों में गंदगी और बदबू का आलम है। कमरों में पंखे, लाइट और बिस्तर जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। भीषण गर्मी के बीच बच्चे बिना किसी सुविधा के रहने को मजबूर हैं और कई छात्र त्वचा संबंधी बीमारियों से भी जूझ रहे हैं।
खाने की गुणवत्ता पर सवाल, दूध और तेल में मिलावट का आरोप
छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि दूध में भारी मात्रा में पानी मिलाया जाता है और नाश्ते में तय मेन्यू का पालन नहीं होता। खाने में इस्तेमाल होने वाला तेल भी घटिया गुणवत्ता का बताया गया। इतना ही नहीं, खाना बनाने के लिए पानी भी बाहर से मंगवाना पड़ता है, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।
छह साल से खराब जनरेटर, खेलकूद की सुविधाएं भी नदारद
विद्यालय में बिजली और पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। छात्रों के अनुसार यहां का जनरेटर पिछले छह वर्षों से खराब पड़ा है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। खेलकूद की सुविधाएं भी लगभग खत्म हो चुकी हैं। छात्रों ने बताया कि फुटबॉल खरीदने के लिए उन्हें अपनी किताबें तक बेचनी पड़ती हैं और किसी तरह की मांग करने पर भोजन बंद करने की धमकी दी जाती है।
"यह सिस्टम की विफलता", 7 दिन में सुधार नहीं तो कार्रवाई
निरीक्षण के बाद विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का उदाहरण है, जहां योजनाओं का पैसा सही जगह तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने मौके से ही डीडीसी को रिपोर्ट सौंपते हुए साफ चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर हालात में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छह महीने के भीतर इस विद्यालय की तस्वीर बदल दी जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।