Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 22 में शनिवार को स्थानीय लोगों के सब्र का बांध टूट गया. लंबे समय से चोरी की घटनाओं से त्रस्त जनता ने समाजसेवी बुआ सिंह के नेतृत्व में रणनीति बनाकर एक खंडहर बिल्डिंग में छिपे तीन चोरों में से एक को रंगे हाथों पकड़ लिया. पकड़े गए चोर को बाद में स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि उसके दो साथी मौके से भागने में सफल रहे. आरोप है कि ये चोर आसपास के इलाकों में मोबाइल और अन्य सामानों की चोरी कर इसी खंडहर इमारत को अपना ठिकाना बनाते थे.
शिकायतों के बाद भी पुलिस की सुस्ती से बढ़ा आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वार्ड 22 में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन चैन की नींद सो रहा है. लोगों ने दावा किया कि थाने में बार-बार लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. जनता के बीच इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि जब पुलिस सुरक्षा देने में विफल रही, तब नागरिकों को खुद अपनी सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा और अपराधी को पकड़ना पड़ा.
इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी बेअसर साबित हुई है. वार्ड पार्षद अंजू सिंह ने हाल ही में क्षेत्र में बढ़ते अपराध और असुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) को आवेदन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की थी. बावजूद इसके, पुलिस द्वारा गश्त बढ़ाने या संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, बार-बार की गई शिकायतों की फाइलें थाने में दबी रह गईं और कार्रवाई के नाम पर केवल शून्य हासिल हुआ.
खंडहर बने नशेड़ियों के अड्डे को सील करने की मांग
पकड़े गए चोर के साथियों द्वारा दोबारा घटना को अंजाम देने की आशंका से क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है. निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरों और नशेड़ियों का हेडक्वार्टर बन चुकी खंडहर बिल्डिंग को तुरंत सील किया जाए और क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए. लोगों का कहना है कि सिर्फ एक चोर को पकड़कर खानापूर्ति करने से अपराध नहीं थमेगा; इसके लिए पूरे सिस्टम को जवाबदेह बनना होगा और पुलिस को शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेने की ट्रेनिंग देनी होगी.