Jamshedpur News: शहर के बहुचर्चित कैरव गांधी अपहरण मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है. पुलिस ने अपहरण और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं. चार्जशीट के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने और लोकेशन बदलने के लिए कुल तीन वाहनों का इस्तेमाल किया गया था, जिनमें से पुलिस ने एक कार जब्त कर ली है. इसके अलावा, आरोपियों के पास से दो हथियार और मोबाइल भी बरामद किए गए हैं, जो अभियोजन पक्ष के दावे को मजबूती प्रदान कर रहे हैं.
13 दिन की दहशत और सकुशल बरामदगी
कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को हुआ था, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी. परिजनों और प्रशासन पर बढ़ते दबाव के बीच पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और सघन छापेमारी का सहारा लिया. करीब दो हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद, 26 जनवरी को पुलिस ने कैरव को सकुशल बरामद करने में सफलता हासिल की. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ फिरौती वसूलने के लिए इस अपहरण को अंजाम दिया था.
मुठभेड़ के बीच हुई गिरफ्तारियां, 11 सलाखों के पीछे
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की घटना भी हुई थी, जिसमें हथियार छीनकर फायरिंग करने की कोशिश कर रहे दो आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए थे. हालांकि, पुलिस के लिए अब भी सबसे बड़ी चुनौती मुख्य अभियुक्त तेजिंदरपाल सिंह को पकड़ना है, जो अपने कुछ साथियों के साथ फिलहाल फरार चल रहा है.
ट्रायल की बढ़ी उम्मीद, दो की जमानत पर नजर
पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद अब इस मामले में स्पीडी ट्रायल शुरू होने की संभावना बढ़ गई है. फिलहाल, गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों में से दो की जमानत अर्जी पर अदालत में सुनवाई लंबित है. पुलिस का दावा है कि गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी.