Adityapur News: आदित्यपुर और जमशेदपुर को जोड़ने वाले मुख्य पुल पर पैदल चलने वालों के लिए बना फुटपाथ अब जानलेवा साबित हो रहा है. पुल के ठीक बीचों-बीच फुटपाथ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गहरे होल में तब्दील हो गया है, जिसे दो दिन बीत जाने के बाद भी ठीक नहीं किया गया है. स्थिति इतनी गंभीर है कि यहां कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है, लेकिन प्रशासन इस खतरे को लेकर पूरी तरह बेखबर नजर आ रहा है.
झाड़ी डालकर निभाई गई रस्म अदायगी
जिला प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि इतने बड़े गड्ढे को भरने या वहां बैरिकेडिंग करने के बजाय, सिर्फ एक झाड़ी डालकर खानापूर्ति कर दी गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में यह झाड़ी और गड्ढा दिखाई नहीं देता, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है. प्रशासन की इस कार्यप्रणाली से जनता में भारी आक्रोश है कि लोगों की जान की कीमत सिर्फ एक झाड़ी के बराबर समझी जा रही है.
स्कूली बच्चों को मुख्य सड़क पर चलने का जोखिम
इस पुल से रोजाना हजारों की संख्या में राहगीर और स्कूली बच्चे गुजरते हैं. फुटपाथ टूटने के कारण ये बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जहां तेज रफ्तार वाहनों का आना-जाना लगा रहता है. खबरें प्रकाशित होने और फोटो वायरल होने के बावजूद नगर निगम और पथ निर्माण विभाग एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं.
हादसे से पहले ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने उपायुक्त से एसी कमरों से निकलकर जमीनी हकीकत देखने की अपील की है. जनता की मांग है कि टेंडर और बजट का बहाना बनाने के बजाय तुरंत बैरिकेडिंग की जाए और इस होल को भरा जाए. लोगों का कहना है कि किसी मासूम के साथ हादसा होने और मुआवजा देने का इंतजार करने से बेहतर है कि समय रहते इस जर्जर पुल की मरम्मत सुनिश्चित की जाए.