Hazaribagh News: हजारीबाग जिले में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता गहराती नजर आ रही है. लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच ताजा मामला गोरहर थाना क्षेत्र के बेलकप्पी गांव का है, जहां पत्रकार पियूष पाण्डेय और उनके पिता संजय पाण्डेय पर जानलेवा हमला किया गया. इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे पत्रकार समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है.
आखिर उस रात हुआ क्या, कैसे बना हमला इतना खतरनाक
पीड़ित संजय पाण्डेय ने गोरहर थाना में दर्ज शिकायत में बताया कि गांव के ही अश्विनी पाण्डेय और सुमित पाण्डेय ने अचानक हमला कर दिया. आरोप है कि हमलावर लोहे की रॉड और लाठी लेकर आए और बिना किसी चेतावनी के लगातार वार करने लगे. हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ हो गए.
क्या किसी गलतफहमी ने इस हमले को जन्म दिया
घायल पत्रकार पियूष पाण्डेय का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले भी साइबर अपराध और ठगी जैसे मामलों में शामिल रहे हैं. उनके अनुसार, कुछ दिन पहले पुलिस ने एक आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया था. इसके बाद आरोपियों को शक हुआ कि पुलिस तक जानकारी पहुंचाने में उनका हाथ है. इसी शक के आधार पर उन्हें बुलाकर साजिश के तहत हमला किया गया.
घटना के बाद कैसे बची जान, किसने की मदद
हमले के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है. अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी. क्या यह सिर्फ एक घटना है या बड़ा पैटर्न बनता जा रहा है. चिंता की बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे एक दिन पहले भी हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की खबर सामने आई थी. बताया जा रहा है कि वह घटना मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में हुई, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है.
लगातार हो रहे हमलों ने साफ कर दिया है कि जिले में पत्रकारों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन चुका है. स्थानीय पत्रकार संगठनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा. फिलहाल यह मामला पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी की तरह सामने आया है.