Jharkhand News: झारखंड में कोषागार (ट्रेजरी) से अवैध तरीके से वेतन निकालने के बड़े घोटाले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है. बोकारो एसपी ऑफिस की लेखा शाखा में तैनात गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवान सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. जांच में सामने आया कि सतीश के बैंक खाते में करीब 1.06 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने उसके खाते में जमा 43 लाख रुपये को तुरंत फ्रीज कर दिया है.
मुख्य आरोपी का करीबी निकला गिरफ्तार जवान
गिरफ्तार सतीश कुमार इस घोटाले के मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है. जांच एजेंसी के अनुसार, सतीश अवैध निकासी के इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. झारखंड सरकार के निर्देश पर इस मामले को टेकओवर करने के बाद CID ने 24 अप्रैल 2026 को केस दर्ज किया था. आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में बनी SIT इस घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि पर्दे के पीछे छिपे अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके.
चाईबासा में भी करोड़ों की सेंधमारी, सिपाही ने परिजनों के खाते में भेजे पैसे
दूसरी ओर, चाईबासा में भी पुलिस विभाग के खाते से 45 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने सिपाही देव नारायण मुर्मू को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि देव नारायण ने सरकारी धन का एक बड़ा हिस्सा अपने परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया था. इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.
राज्यव्यापी जांच से पुलिस महकमे में हड़कंप
झारखंड के अलग-अलग जिलों में एक साथ सामने आए इस वेतन घोटाले ने पुलिस विभाग और कोषागार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सतीश और देव नारायण की गिरफ्तारी तो महज शुरुआत मानी जा रही है. SIT अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह राज्य के अन्य जिलों के कोषागारों में भी इसी तरह की सेंधमारी कर रहा था. आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है.