Jharkhand: झारखंड में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत और खुशी की खबर लेकर आई है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गृह निर्माण और वाहन खरीद के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ा दिया है। अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों को इस योजना के तहत आर्थिक मदद दी गई है, जिससे वे अपने घर और निजी वाहन के सपने को पूरा कर सकें।
गृह निर्माण और वाहन खरीद के लिए बढ़ी राशि
वित्त विभाग के व्यक्तिगत ऋण प्रोफाइल के अनुसार, अप्रैल 2026 में गृह निर्माण के लिए प्रति कर्मचारी औसतन 12 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की जा रही है। वहीं वाहन खरीदने के लिए मोटर कार पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक का अग्रिम दिया जा रहा है। यह पहल उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, जो लंबे समय से अपने घर या गाड़ी के लिए आर्थिक सहयोग का इंतजार कर रहे थे।
अलग-अलग विभागों में इस तरह मिली स्वीकृति
इस योजना के तहत विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को मोटर कार के लिए 20 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं रांची जिला बल, झारखंड जगुआर और विशेष शाखा के आरक्षियों से लेकर हवलदारों तक को गृह निर्माण के लिए 15 से 20 लाख रुपये तक की ऋण राशि की किश्तें जारी की गई हैं। इसके अलावा हजारीबाग में अपर लोक अभियोजक जैसे अधिकारियों को गृह निर्माण के लिए 12.85 लाख रुपये की पहली किश्त आवंटित की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है।
डिजिटल भुगतान के जरिए सीधे खातों में पहुंची राशि
वित्त विभाग की ट्रेजरी ई-पेमेंट रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में पूरे राज्य में 3,249 एडवाइस जारी किए गए, जिनके माध्यम से 19,385 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी गई। इसमें ऋण लेने वाले कर्मचारी और अन्य भुगतान शामिल हैं। अप्रैल के अंत तक विभिन्न मदों में वितरित की गई कुल राशि करोड़ों में पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
इस वित्तीय वर्ष में बड़ा बजट प्रावधान
राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों को ऋण और अग्रिम देने के लिए करीब 145.03 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना का लाभ पुलिस बल, न्यायिक सेवा, सचिवालय और विधानसभा सहित कई विभागों के सैकड़ों कर्मचारी उठा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।