Jharkhand News: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा अनुशंसित 329 सहायक आचार्यों के लिए अच्छी खबर है. मई 2026 के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाले एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन सभी को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मुख्यमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है और उनकी स्वीकृति मिलते ही निश्चित तिथि की घोषणा कर दी जाएगी. इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग जिला स्तर पर पूरी हो चुकी है और इनके सभी प्रमाणपत्र वैध पाए गए हैं.
हजार अन्य अभ्यर्थियों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू
329 अभ्यर्थियों के अलावा, विभाग को आयोग से लगभग 1,000 अन्य सफल अभ्यर्थियों की अनुशंसा भी प्राप्त हुई है. इन अभ्यर्थियों के फोल्डर सोमवार को जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालयों को सौंप दिए जाएंगे, जिसके बाद जिला स्तर पर इनकी काउंसलिंग और प्रमाणपत्रों की जांच शुरू होगी. विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन योग्य अभ्यर्थियों को भी मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में एक अलग राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा सकते हैं.
10,000 से अधिक शिक्षक पहले ही दे रहे सेवाएं
झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, 2023 के माध्यम से अब तक कुल 10,213 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा चुकी है. आयोग ने प्रारंभ में 11,300 पदों की अनुशंसा की थी, जिनमें से सफल काउंसलिंग के बाद इतने शिक्षक वर्तमान में विभिन्न स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं. इस नियुक्ति प्रक्रिया का उद्देश्य राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है.
हजारों पद रिक्त, योग्य अभ्यर्थियों का अभाव
कुल 26,001 पदों पर बहाली के लिए निकाली गई इस प्रतियोगिता परीक्षा के बावजूद बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं. विभाग के अनुसार, विशेष रूप से पारा शिक्षक श्रेणी में योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण अधिसंख्य पदों को भरा नहीं जा सका.