Jharkhand News: भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक और धांधली की साजिश से जुड़े चर्चित मामले में गिरफ्तार 60 से अधिक आरोपियों की जमानत याचिका पर रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई. लेकिन पुलिस द्वारा केस डायरी प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण अदालत ने नाराजगी जताते हुए अगली तारीख तय कर दी.
केस डायरी नहीं पेश होने पर, अदालत ने दिए कड़े निर्देश
मामले की सुनवाई अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस को केस डायरी प्रस्तुत करने को कहा था, ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जा सके. हालांकि इस बार भी पुलिस दस्तावेज पेश नहीं कर सकी. इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि अगली तारीख पर हर हाल में केस डायरी जमा की जाए. अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी.
तमाड़ में कार्रवाई से उजागर हुआ संगठित गिरोह, 164 लोग हिरासत में
रांची पुलिस ने तमाड़ इलाके में छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया था. कार्रवाई के दौरान 164 लोगों को हिरासत में लिया गया. जांच में यह सामने आया कि गिरोह भर्ती परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेने की तैयारी में था. यह एक संगठित तंत्र के रूप में काम कर रहा था.
कई आरोपी चिन्हित, महिलाओं की भी संलिप्तता सामने आई
जांच के क्रम में कई संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें अतुल वत्स, विकाश कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं. इसके अलावा इस नेटवर्क में 7 महिलाओं की भूमिका भी सामने आई है, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है. पुलिस डिजिटल साक्ष्य और अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है.
पेपर लीक से जुड़ा यह मामला भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. अदालत की सख्ती और जारी जांच से आने वाले समय में इस नेटवर्क के और पहलू सामने आने की उम्मीद है. अब 29 अप्रैल की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं.