Chakradharpur News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में मानव तस्करी की चुनौती एक बार फिर सामने आई, लेकिन इस बार समय रहते कार्रवाई ने बड़ा हादसा टाल दिया. चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग, महिला थाना चक्रधरपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा की टीम के द्वारा चालाया गया संयुक्त अभियान में 6 नाबालिग बच्चियों को संदिग्ध हालात में ले जाए जाने से पहले ही सुरक्षित बचा लिया गया. हालांकि इस दौरान तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे.
गुप्त सूचना पर एक्शन, बहला-फुसलाकर बाहर ले जाई जा रही थीं बच्चियां
मिली जानकारी के अनुसार, सभी बच्चियां 14 से 16 वर्ष के बीच की हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि इन्हें बेहतर जिंदगी और पैसे का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाया जा रहा था. जैसे ही इस गतिविधि की सूचना संबंधित एजेंसियों तक पहुंची, तुरंत संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए स्टेशन पर ही बच्चियों को रोक लिया.
इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग, महिला थाना चक्रधरपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा की टीम ने समन्वय के साथ काम किया. रांची की एक सामाजिक संस्था ने भी अभियान में अहम सहयोग दिया.
सुरक्षित स्थान पर रखा गया, काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया जारी
रेस्क्यू के बाद सभी बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. बाल कल्याण समिति के निर्देश पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. साथ ही बच्चियों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें और पढ़ाई जारी रख सकें. अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. आम लोगों से अपील की गई है कि बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
चक्रधरपुर स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि सतर्कता और बेहतर समन्वय से मानव तस्करी जैसी गंभीर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है. हालांकि तस्करों का फरार होना चिंता का विषय है, लेकिन 6 मासूमों की सुरक्षित वापसी राहत देने वाली है.