Jharkhand Exam Security Plan: राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर उठते सवालों के बीच झारखंड पुलिस ने इस बार पहले से ज्यादा सतर्क और सख्त रणनीति अपनाई है. डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरिया समीक्षा बैठक में रेंज डीआईजी, एसएसपी, एसपी और जोनल आईजी सख्त हिदायत देते हुए कहा कि अब किसी भी कीमत पर पेपर लीक या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आने वाली प्रमुख परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत किया जा रहा है, ताकि परीक्षार्थियों का भरोसा बना रहे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके.
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस रखी जाएगी
आगामी NEET (UG) 2026, JEE, CUET और JSSC परीक्षाओं को लेकर सुरक्षा के कई स्तर तैयार किए गए हैं. पुलिस मुख्यालय से सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा से जुड़े हर चरण पर सतर्क निगरानी रखी जाए. पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार सिस्टम को ज्यादा व्यवस्थित और मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न बचे.
ग्राउंड लेवल पर भी कड़ी लेवल की निगरानी की जायेगी
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है. प्रश्नपत्रों को स्ट्रांग रूम से केंद्र तक पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस की निगरानी में तय की गई है. साथ ही होटल, लॉज, हॉस्टल और अन्य ठहरने वाले स्थानों की जांच तेज करने को कहा गया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जा सके.
संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती
सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. साइबर कैफे, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी. बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, जिससे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके.
परीक्षार्थियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दिया जाएगा
सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे और परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो. प्रशासन की कोशिश है कि परीक्षा का माहौल शांत और व्यवस्थित बना रहे.
निष्पक्षता पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी
झारखंड पुलिस की यह तैयारी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भरोसा भी है कि इस बार परीक्षाएं पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कराई जाएंगी. प्रशासन का फोकस साफ है. परीक्षार्थियों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा. सख्त निगरानी और मजबूत व्यवस्था के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि मेहनत करने वाले छात्रों को उनका सही हक मिल सके.