Ranchi News: करीब पांच साल से खाली पड़े लोकायुक्त पद पर आखिरकार नियुक्ति हो गई है. रांची स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस नियुक्ति के साथ ही राज्य में निगरानी और जवाबदेही तंत्र के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद तेज हो गई है.
न्यायपालिका से प्रशासनिक जिम्मेदारी तक, अनुभव का लंबा सफर
जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और करीब तीन दशक से अधिक का उनका न्यायिक अनुभव रहा है. 1997 से शुरू हुए उनके करियर में उन्होंने कई अहम मामलों की सुनवाई की और अपनी अलग पहचान बनाई. वे चर्चित चारा घोटाला केस की सुनवाई से भी जुड़े रहे हैं. इसके अलावा झारखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं, जिससे उन्हें नीतिगत और संस्थागत कामकाज की गहरी समझ है.
पांच साल की निष्क्रियता के बाद अब बढ़ेगी रफ्तार, लोकायुक्त से नई उम्मीदें
शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस गुप्ता जल्द ही औपचारिक रूप से पदभार संभालेंगे. उनके आने से उस संस्थान में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है, जो पिछले कई वर्षों से लगभग निष्क्रिय स्थिति में था. माना जा रहा है कि अब लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर ठोस कार्रवाई देखने को मिल सकती है.
लोकायुक्त की नियुक्ति सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है. अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद यह संस्था जनता के भरोसे पर कितना खरा उतरती है और व्यवस्था में सुधार लाने में कितनी प्रभावी साबित होती है.