Ranchi: राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को रातू थाना अंतर्गत सुदिल गांव में दबंगों ने महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को निशाना बनाते हुए बेरहमी से पिटाई की। घटना के बाद पीड़ितों ने तत्काल थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवारों में डर और नाराजगी दोनों का माहौल बना हुआ है।
जमीन विवाद में हमला, महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा
मामला ग्राम सुदिल का बताया जा रहा है, जहां भरत कांशी पर आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों और कथित जमीन माफियाओं के साथ मिलकर अनुसूचित जाति के निहत्थे लोगों पर हमला किया। पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान हमलावरों ने किसी को नहीं छोड़ा और महिलाओं व बच्चों के साथ भी मारपीट की गई। घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी गई, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अनुसूचित जाति महासभा ने उठाई सख्त मांगें
घटना के बाद अनुसूचित जाति महासभा ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कई गंभीर मांगें सामने रखी हैं। महासभा ने भरत कांशी का हथियार लाइसेंस तत्काल रद्द करने, सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उनकी संपत्ति के स्रोत की जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोपित के पास करोड़ों की चल-अचल संपत्ति है, जिसकी जांच बहुत जरूरी है कि यह संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई है।
इलाके में भय का माहौल, प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
महासभा ने यह भी आरोप लगाया है कि भरत कांशी लाइसेंसी हथियार और निजी अंगरक्षकों के साथ चलते हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कितनी जल्द होती है।