Dhanbad: झारखंड के धनबाद स्थित मैथन डैम पर इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां लोग खासकर बोटिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और पानी के बीच बोटिंग का रोमांच सैलानियों को आकर्षित करता है, लेकिन इस रोमांच के पीछे छिपा खतरा कहीं अधिक बड़ा नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यहां बिना किसी ठोस प्रशासनिक स्वीकृति के सैकड़ों नौकाएं और मोटर बोट खुलेआम चलाई जा रही हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना अनुमति और बिना प्रशिक्षण के चल रहीं स्पीड बोट
मैथन डैम में बोटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी देखने को मिल रही है। यहां स्पीड बोट चलाने वाले कई राइडर न तो प्रशिक्षित हैं और न ही उनके पास कोई वैध लाइसेंस है, फिर भी वे बेखौफ होकर बोटिंग करवा रहे हैं। बिना अनुभव के तेज रफ्तार में बोट चलाना और उस पर सवार पर्यटकों को राइड कराना सीधे तौर पर उनकी जान को जोखिम में डालने जैसा है। ऐसे में बोटिंग का यह रोमांच कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना में बदल सकता है।
प्रशासनिक मानकों का अभाव, बढ़ रहा खतरा
स्थिति की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि बोट घाटों पर किस प्रकार की नावें चलनी चाहिए और उन्हें संचालित करने के लिए क्या सुरक्षा मानक होने चाहिए, यह तक स्पष्ट रूप से तय नहीं किया गया है। इसी का फायदा उठाकर नौसिखिए राइडर स्टंट करते नजर आते हैं, जो कई बार हादसों का कारण बन सकते हैं। यहां न तो किसी विशेष बचाव दल की पर्याप्त व्यवस्था दिखती है और न ही किसी तरह की सख्त निगरानी, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आती है।
रोमांच के नाम पर जोखिम उठा रहे पर्यटक
देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले सैलानी अपने परिवार के साथ यहां घूमने और बोटिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। वे इस खूबसूरत जगह का अनुभव तो लेना चाहते हैं, लेकिन अनजाने में जोखिम भी उठा रहे हैं। एडवेंचर के नाम पर बिना सुरक्षा इंतजाम के बोटिंग करना कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन जल्द ही इस ओर ध्यान दे और ठोस नियमों के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि पर्यटकों का यह रोमांच सुरक्षित भी बना रहे।