Jharkhand News: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 60 से अधिक आरोपियों की जमानत याचिका पर सोमवार को रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने पुलिस को मामले की पूरी केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई 25 अप्रैल को निर्धारित की गई है.
तमाड़ में छापेमारी कर हुआ था गिरोह का पर्दाफाश
रांची पुलिस ने बीते शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तमाड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी की थी. इस दौरान परीक्षा से ठीक पहले धांधली की योजना बना रहे एक विशाल गिरोह का भंडाफोड़ किया गया. पुलिस ने मौके से कुल 164 संदिग्धों को हिरासत में लिया था. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम वसूलने की फिराक में था.
7 महिलाओं सहित मुख्य सरगनाओं के नाम आए सामने
अब तक की पुलिस जांच में गिरोह के मुख्य संचालकों के रूप में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम उजागर हुए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इस धांधली में 7 महिलाओं की संलिप्तता की भी पुष्टि हो चुकी है. आरोपियों के खिलाफ तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है.
जांच के दायरे में कई अन्य संदिग्ध
पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर नए नाम सामने आ रहे हैं. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केस डायरी के अध्ययन के बाद ही जमानत पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस इस गिरोह के वित्तीय लेनदेन के सबूत जुटाने में लगी है.