Babulal Marandi Reaction: झारखंड में आदिवासी संगठनों ने सिरमटोली रैंप विवाद को लेकर आज बंद का आह्वान किया है।
इस बंद का राजधानी रांची, लातेहार और गुमला सहित कई जिलों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
आदिवासी संगठन के लोग हाथ में सरना झंडा और पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे हैं और राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विरोध कर रहे हैं।
बंद के कारण
आदिवासी संगठन सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद, आदिवासियों के धार्मिक स्थल मारंग बुरू, पारसनाथ पहाड़ गिरिडीह, लुगुबुरू, मुड़हर पहाड़, दिवरी दिरी के अस्तित्व को बचाने समेत कई मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हैं। इसके अलावा पेसा कानून, आदिवासियों की जमीन लूट, धार्मिक न्यास बोर्ड, नियोजन नीति, लैंडबैंक, ट्राइबल यूनिवर्सिटी, भाषा संस्कृति, शराबबंदी जैसे मुद्दों को भी सामने रखा जा रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट साझा किया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाए बगैर हस्तक्षेप कर मामले को सुलझाने का आग्रह किया है।
बंद का असर
बंद का आह्वान बुधवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक किया गया है। केवल आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। बंद समर्थक सड़क पर उतरकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का विरोध कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं।
झारखंड बंद आदिवासी संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनकी मांगों को सुनने और समाधान करने की आवश्यकता है। सरकार को आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था और अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कदम उठाने चाहिए।