Railway News: जमशेदपुर में दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर और चक्रधरपुर मंडल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने के कारण यात्री ट्रेनों की लगातार देरी से यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.
मालगाड़ियों के लिए रोकी गई यात्री ट्रेनें, बढ़ती देरी से यात्रियों की परेशानी
जानकारी के अनुसार, हावड़ा-कांताबांजी इस्पात एक्सप्रेस और हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को रास्ते में रोककर मालगाड़ियों को पहले निकाला जा रहा है. मंगलवार को हावड़ा से समय पर चली इस्पात एक्सप्रेस को खड़गपुर मंडल के राघामांस स्टेशन पर लूप लाइन में करीब डेढ़ घंटे तक खड़ा रखा गया, ताकि मालगाड़ी को रास्ता दिया जा सके. इससे ट्रेन करीब डेढ़ घंटे लेट हो गई और यात्रियों का समय पूरी तरह बिगड़ गया.
वहीं जनशताब्दी एक्सप्रेस को भी पहले री-शेड्यूल किया गया और फिर रास्ते में रोका गया, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
यात्रियों का फूटा गुस्सा, सोशल मीडिया पर शिकायतें-सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
लगातार हो रही देरी और उपेक्षा से नाराज यात्रियों ने स्टेशन और सोशल मीडिया पर जमकर विरोध जताया. यात्रियों का कहना है कि रेलवे अब यात्रियों की सुविधा से ज्यादा माल ढुलाई और कमाई पर ध्यान दे रहा है. कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेलवे विज्ञापनों में बेहतर सुविधाओं का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है.
इस मुद्दे पर खड़गपुर और चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है. विधायक सरयू राय ने भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी है. यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. लगातार देरी और अव्यवस्था ने दक्षिण पूर्व रेलवे की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यात्रियों की मांग है कि यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी परेशानियां कम हो सकें.