Bokaro News: बोकारो के गोमिया प्रखंड में ग्रामीण महिलाओं को आसान लोन दिलाने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है. गांव के ही एक दंपती पर 56 महिलाओं के नाम पर लाखों रुपये का लोन उठाकर पूरी राशि हड़पने का आरोप है. घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.
छोटे लोन से बनाया भरोसा, फिर बड़े स्तर पर खेल-दस्तावेज लेकर खातों से रकम करवाई ट्रांसफर
चुट्टे पंचायत के चुट्टे गांव में रहने वाले जीरू कुमारी और उसके पति अजय कुमार ठाकुर ने पहले ग्रामीण महिलाओं को कम ब्याज पर लोन दिलाने का भरोसा दिया. पढ़ाई और शादी जैसे जरूरी खर्चों का हवाला देकर महिलाओं से आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य दस्तावेज ले लिए गए. शुरुआत में कुछ महिलाओं को छोटे लोन दिलाकर विश्वास बनाया गया. इसके बाद अलग-अलग माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से उन्हीं महिलाओं के नाम पर बड़े लोन पास कराए गए. आरोप है कि जैसे ही राशि खातों में आई, दंपती ने सिविल स्कोर सुधारने और आगे और लोन दिलाने का लालच देकर पूरा पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया. कई महिलाओं के नाम पर एक से अधिक बार लोन उठाया गया.
23 फरवरी को फरार हुए आरोपी, अब किस्त के दबाव में पीड़ित महिलाएं
बताया जा रहा है कि पूरे गांव में सक्रिय रहने के बाद 23 फरवरी को दोनों अचानक गायब हो गए. इसके बाद मामला खुलकर सामने आया. अब माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट पीड़ित महिलाओं से किस्त वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं. महिलाओं का कहना है कि एजेंट घर-घर जाकर अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और खराब हो गई है.
शिकायत दर्ज, साइबर सेल जांच में जुटी-ठगी की रकम बढ़ने के संकेत
हेमिया देवी, रीना देवी, मुनवा देवी, लीलावती देवी और गिरिजा देवी समेत कई महिलाओं ने चतरोचट्टी थाने में लिखित शिकायत दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बैंक ट्रांजेक्शन और लोकेशन खंगाले जा रहे हैं. कसमार थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर छापेमारी भी की गई, लेकिन आरोपी वहां भी नहीं मिले. मौके से एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है. शुरुआती जांच में करीब 20 लाख रुपये के गड़बड़ी की पुष्टि हुई है, हालांकि अंतिम जांच के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.
यह मामला सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि भरोसे के दुरुपयोग की बड़ी कहानी है. गांव की महिलाएं अब कर्ज के बोझ तले दब गई हैं, जबकि आरोपी फरार हैं. पुलिस जल्द कार्रवाई का भरोसा जता रही है, लेकिन पीड़ितों को राहत कब मिलेगी, यह अभी सवाल बना हुआ है.