Seraikela: सरायकेला समाहरणालय सभागार में रविवार को उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श समिति (डीएलसीसी/डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित हितग्राही उन्मुख योजनाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित करना प्रशासन और बैंकों की साझा जिम्मेदारी है।
ऋण प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों के ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि लाभुकों को समय पर ऋण मिलने से वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और समय पर भुगतान भी कर पाएंगे। उपायुक्त ने साफ चेतावनी दी कि योजनाओं से जुड़े मामलों में अनावश्यक पेंडेंसी, देरी या बिना उचित कारण आवेदन रद्द करने जैसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आवेदन अस्वीकृति पर स्पष्ट कारण देना अनिवार्य
उपायुक्त ने शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया कि लाभुकों के आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें। यदि किसी आवेदन को अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका स्पष्ट कारण दर्ज किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही बैंक शाखाओं में आने वाले लोगों के साथ सहयोगपूर्ण और जिम्मेदार व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे बैंकिंग सेवाओं के प्रति आमजन का भरोसा और मजबूत हो सके।
केसीसी मामलों में देरी पर नाराजगी, जल्द निपटारा करने को कहा
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लंबित मामलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र किसानों के आवेदन लंबित न रखे जाएं और सभी पेंडिंग मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक किसानों को केसीसी का लाभ देने पर भी जोर दिया गया।
एटीएम और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर जोर
उपायुक्त ने जिले के प्रमुख बाजारों और अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में एटीएम सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंद पड़े एटीएम को शीघ्र चालू करने को कहा। इसके साथ ही ग्रामीण और नवसृजित क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने के लिए बैंकिंग संवाददाता (बीसी) प्वाइंट की संख्या बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
बैठक के अंत में उपायुक्त ने बैंकों से अपेक्षा जताई कि पात्र लाभुकों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराया जाए और कार्यशैली में सुधार लाया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और जिले में आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।