Chaibasa: चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में रविवार को कोल्हान प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों के मुखिया बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस सम्मेलन में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त करना और विकास कार्यों को लेकर संवाद स्थापित करना रहा।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के साथ सिंहभूम सांसद जोबा माझी, निदेशक राजेश्वरी बी, उपायुक्त चंदन कुमार और उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके अलावा जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन और उपाध्यक्ष रंजीत यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान तीनों जिलों के उन मुखियाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य किया है। उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान दिया गया। इस दौरान सांसद और विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों, विकास योजनाओं में उनकी भागीदारी और जिले में पेयजल की समस्या जैसे मुद्दों को मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा।
पेसा कानून पर मंत्री ने रखी स्पष्ट राय
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है, ऐसे में ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र की स्वशासन प्रणाली पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण है। पेसा कानून पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे पूरी समझ के साथ लागू किया गया है और यह कानून ग्राम सभाओं को मजबूत और सशक्त बनाने का काम करेगा। उन्होंने मुखियाओं से अपील की कि वे इस कानून को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या बहकावे में न आएं।
पंचायत और वार्ड स्तर पर बढ़ेगी भागीदारी
मंत्री ने जानकारी दी कि पंचायत समितियों को पांचवें और 15वें वित्त आयोग की राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कर सकें। जिला परिषद की भी इसमें भागीदारी तय की गई है। इसके साथ ही वार्ड सदस्यों को सशक्त बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कुछ राशि पहले ही भेजी जा चुकी है और आने वाले 10 से 15 दिनों के भीतर शेष राशि भी संबंधित खातों में पहुंचा दी जाएगी।